Aaj Ka Shabd Nirwah Premshankar Shukl Poem Pani Si Komlta – आज का शब्द: निर्वाह और प्रेमशंकर शुक्ल की कविता- पानी-सी कोमलता, आकाश जितना अथाहपन

0
0
Advertisement

                
                                                                                 
                            

'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- निर्वाह, जिसका अर्थ है- परंपरा आदि को बरकरार रखना, किसी निश्चय या प्रथा के अनुसार होने वाला आचरण, जीवनयापन। प्रस्तुत है प्रेमशंकर शुक्ल की कविता-पानी-सी कोमलता, आकाश जितना अथाहपन  

Advertisment

मेरे कंठ ने अभी जिस
सुगंधित-कोमल लोकगीत का
स्पर्श पाया। वह एक मेहनतकश सुंदर स्त्री के
होंठ से फूटा है पहली बार।

इस गीत में जो घास-गंध है,
पानी-सी कोमलता, आकाश जितना अथाहपन
और हरी-भरी धरती की आकांक्षा

आगे पढ़ें

2 hours ago

Advertisment

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here