Pm Modi Strongly Condemned The Attack On The Gurudwara In Kabul – Pm Modi: पीएम मोदी बोले- संविधान को गहराई से जानने की जरूरत, काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की निंदा की

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हमारा संविधान आजाद भारत की ऐसी परिकल्पना के रूप में सामने आया था जो देश की कई पीढ़ियों के सपनों को साकार कर सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात एक किताब के विमोचन के मौके पर कही। 

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं आशा करता हूं कि ‘भारतीय संविधान: अनकही कहानी’ ये पुस्तक अपने शीर्षक को चरितार्त करेगी और देश के सामने संविधान को और भी व्यापक रूप में प्रस्तुत करेगी। उन्होंने आगे कहा, मैं इस अभिनव प्रयास के लिए राम बहादुर राय जी को और इसके प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, जब हम कोई नए संकल्प लेकर निकलते हैं तो हमारी जानकारी हमारी जागरूकता बनती है। बोध ही, हमारा प्रबोध करता है, इसलिए एक राष्ट्र के रूप में हम संविधान के सामर्थ्य का उतना ही विस्तृत उपयोग कर पाएंगे जितना हम अपने संविधान को गहराई से जानेंगे। हमारे संविधान की अवधारणा को किस तरह गांधी जी ने नेतृत्व दिया, सरदार पटेल ने धर्म के आधार पर पृथक निर्वाचन प्रणाली को खत्म करके संविधान को सांप्रदायिकता से मुक्त कराया।

पीएम मोदी ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की निंदा की
उन्होंने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमेल की भी कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री ने कहा, काबुल में करते परवां गुरुद्वारे पर कायरतापूर्ण आतंकी हमले से स्तब्ध हूं। मैं इस बर्बर हमले की निंदा करता हूं और भक्तों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं। 

बता दें कि काबुल में शनिवार को अज्ञात बंदूकधारियों के एक समूह ने एक गुरुद्वारे में धावा बोलकर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय सविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो गजनी का मूल निवासी है, जिसका परिवार दिल्ली में रहता है और दूसरे मृतक की पहचान अहमद के रूप में हुई है जो गुरुद्वारे में सिक्योरिटी गार्ड था।

Shocked by the cowardly terrorist attack against the Karte Parwan Gurudwara in Kabul. I condemn this barbaric attack, and pray for the safety and well-being of the devotees.
 
पीएम मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया योग दिवस : मनसुख मंडाविया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को योग दिवस घोषित किया है। पूरे विश्व में 21 जून को योग का कार्यक्रम आयोजित होता है। भारत में भी 21 जून को सामूहिक तौर पर योग कार्यक्रम आयोजित किया गया है।”

मंडाविया ने कहा, “योग मन और शरीर को जोड़ता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भी 562 रियासत एकत्र करके भारत को जोड़ने का काम किया था इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि योग दिवस पर आप जहां भी हैं वहां पर योग के कार्यक्रम में जुड़ें। मैं भी एकता नगर में योग दिवस में मौजूद रहूंगा, योग करूंगा।

स्कूली पाठ्यक्रम में योग को करें शामिल : शिक्षा मंत्री
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, एनसीईआरटी को कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम में योग को प्राथमिकता से शामिल करना चाहिए। छात्रों को योग से जोड़ना जरूरी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव है।

विस्तार

हमारा संविधान आजाद भारत की ऐसी परिकल्पना के रूप में सामने आया था जो देश की कई पीढ़ियों के सपनों को साकार कर सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात एक किताब के विमोचन के मौके पर कही। 

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं आशा करता हूं कि ‘भारतीय संविधान: अनकही कहानी’ ये पुस्तक अपने शीर्षक को चरितार्त करेगी और देश के सामने संविधान को और भी व्यापक रूप में प्रस्तुत करेगी। उन्होंने आगे कहा, मैं इस अभिनव प्रयास के लिए राम बहादुर राय जी को और इसके प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, जब हम कोई नए संकल्प लेकर निकलते हैं तो हमारी जानकारी हमारी जागरूकता बनती है। बोध ही, हमारा प्रबोध करता है, इसलिए एक राष्ट्र के रूप में हम संविधान के सामर्थ्य का उतना ही विस्तृत उपयोग कर पाएंगे जितना हम अपने संविधान को गहराई से जानेंगे। हमारे संविधान की अवधारणा को किस तरह गांधी जी ने नेतृत्व दिया, सरदार पटेल ने धर्म के आधार पर पृथक निर्वाचन प्रणाली को खत्म करके संविधान को सांप्रदायिकता से मुक्त कराया।

पीएम मोदी ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की निंदा की

उन्होंने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमेल की भी कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री ने कहा, काबुल में करते परवां गुरुद्वारे पर कायरतापूर्ण आतंकी हमले से स्तब्ध हूं। मैं इस बर्बर हमले की निंदा करता हूं और भक्तों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं। 

बता दें कि काबुल में शनिवार को अज्ञात बंदूकधारियों के एक समूह ने एक गुरुद्वारे में धावा बोलकर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय सविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो गजनी का मूल निवासी है, जिसका परिवार दिल्ली में रहता है और दूसरे मृतक की पहचान अहमद के रूप में हुई है जो गुरुद्वारे में सिक्योरिटी गार्ड था।

Shocked by the cowardly terrorist attack against the Karte Parwan Gurudwara in Kabul. I condemn this barbaric attack, and pray for the safety and well-being of the devotees.

 

पीएम मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया योग दिवस : मनसुख मंडाविया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को योग दिवस घोषित किया है। पूरे विश्व में 21 जून को योग का कार्यक्रम आयोजित होता है। भारत में भी 21 जून को सामूहिक तौर पर योग कार्यक्रम आयोजित किया गया है।”

मंडाविया ने कहा, “योग मन और शरीर को जोड़ता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भी 562 रियासत एकत्र करके भारत को जोड़ने का काम किया था इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि योग दिवस पर आप जहां भी हैं वहां पर योग के कार्यक्रम में जुड़ें। मैं भी एकता नगर में योग दिवस में मौजूद रहूंगा, योग करूंगा।

स्कूली पाठ्यक्रम में योग को करें शामिल : शिक्षा मंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, एनसीईआरटी को कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम में योग को प्राथमिकता से शामिल करना चाहिए। छात्रों को योग से जोड़ना जरूरी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव है।

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